रवि एक सामान्य व्यक्ति था, जो अपने छोटे-से गाँव में साधारण ज़िंदगी जीता था। एक दिन उसे गाँव के पुराने कुएँ के पास एक अजीब घड़ी मिली। घड़ी पुरानी लेकिन चमचमाती थी, और उसके डायल पर समय के साथ-साथ कुछ अजीब-सी संख्याएँ भी दिखाई देती थीं। जिज्ञासा में, रवि ने घड़ी को अपने हाथ में बांध लिया।
उस रात, रवि ने सपने में देखा कि वह 100 साल पहले के अपने ही गाँव में है। जब वह सुबह उठा, तो उसने पाया कि घड़ी के डायल पर अजीब संख्या बदल गई थी। उत्सुकता से, उसने फिर घड़ी के बटन को घुमाया। अचानक, उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे सब कुछ रुक गया हो। जब उसने आँखें खोलीं, तो वह अपने गाँव का भविष्य देख रहा था—गगनचुंबी इमारतें, उड़ती हुई गाड़ियाँ, और इंसानों के बजाय रोबोट काम कर रहे थे।
हर बार जब रवि घड़ी का बटन घुमाता, तो वह समय में कहीं आगे या पीछे चला जाता। अतीत में उसने अपने दादा-दादी के बचपन को देखा, उनके संघर्षों को समझा। भविष्य में, उसने देखा कि इंसान और मशीनों के बीच कैसी जंग हो रही थी। हर समय यात्रा में, रवि ने देखा कि समय की हर घटना एक दूसरे से जुड़ी हुई थी।
लेकिन एक दिन, उसने महसूस किया कि घड़ी अब रुक चुकी है। उसने खुद को उसी कुएँ के पास पाया, जहाँ से उसने घड़ी उठाई थी। लेकिन इस बार, गाँव के लोग उसे अजीब नज़रों से देख रहे थे। उन्हें लगा कि रवि अब “समय का कैदी” बन चुका है।
रवि को एहसास हुआ कि समय के साथ खेलना इंसानी हद से बाहर की बात है। उसने घड़ी को कुएँ में वापस फेंक दिया और महसूस किया कि वर्तमान ही एकमात्र सच है। वह अपने गाँव लौट आया, लेकिन उसके अनुभव ने उसे हमेशा के लिए बदल दिया।